गंडक नदी के बागाह क्षेत्र में इस प्रजनन सीज़न के पहले 31 घड़ियाल शावकों का जन्म हुआ है और उन्हें नदी में छोड़ा गया है।
घड़ियाल एक संकेतक प्रजाति है। यह वहीं जीवित रहते हैं जहाँ नदी का प्रवाह स्वच्छ हो, जलीय जीवन समृद्ध हो। IUCN की "Critically Endangered" सूची में दर्ज यह प्रजाति कभी गंडक से लगभग गायब हो चुकी थी। आज यहाँ इनकी संख्या 1,000 से अधिक है।
यह बदलाव रातोंरात नहीं आया। नदी संरक्षण, वन्यजीव निगरानी और बिहार वन विभाग तथा Wildlife Trust of India के वर्षों के संयुक्त प्रयास इसके पीछे हैं। इस सीज़न में अब तक पाँच घड़ियाल घोंसले चिन्हित हो चुके हैं एवं सभी की सक्रिय निगरानी जारी है।
जब नदी बचती है, तो यह सब बचता है।
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