विधायक से बिजली की शिकायत करने पर गार्डों ने की मारपीट, वीडियो भी डिलीट कराया
- कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी से मिलने गए थे ग्रामीण, जिलाधिकारी से की शिकायत
- कलेक्ट्रेट परिसर में हुई घटना से ग्रामीणों में रोष, कानूनी कार्रवाई की मांग
उरई। कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बिजली की समस्या को लेकर कालपी विधायक से बात कर रहे ग्रामीणों के साथ उनके सुरक्षाकर्मियों (गार्डों) द्वारा मारपीट का मामला सामने आया। पीड़ित ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी (डीएम) जालौन को शिकायती पत्र सौंपकर दोषी गार्डों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महेवा ब्लॉक के ग्राम कुकुहोनू निवासी ओम नारायण, लल्लू राम, संजय, राहुल, दिलीप पाल और सर्वेश अपने क्षेत्र की बदहाल विद्युत आपूर्ति की शिकायत लेकर सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय आए थे। प्रार्थना पत्र देने के बाद जब ग्रामीण परिसर में बाहर निकले, तो वहां कालपी विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद चतुर्वेदी मौजूद थे।
बातचीत के दौरान मारपीट और वीडियो डिलीट करने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी समस्या को लेकर विधायक विनोद चतुर्वेदी से बातचीत करने लगे। इसी दौरान पीड़ित ओम नारायण अपने मोबाइल से इस पूरी बातचीत का वीडियो बनाने लगा। ग्रामीणों के मुताबिक, वीडियो बनाने पर विधायक जी को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन तभी उनके साथ मौजूद दो सुरक्षाकर्मियों (जिसमें एक की पहचान अंकित मिश्रा और दूसरा अज्ञात के रूप में हुई) ने अचानक उग्र होकर ग्रामीणों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि गार्डों ने न सिर्फ उनके साथ अभद्रता की, बल्कि मोबाइल से बनाया गया वीडियो भी जबरन डिलीट करवा दिया। पीड़ितों का कहना है कि इस पूरी घटना के दौरान विधायक मूकदर्शक बने रहे और उन्होंने गार्डों को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया।
मानवाधिकारों के हनन का लगाया आरोप
जिलाधिकारी को सौंपे पत्र में ग्रामीणों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि जनता की समस्या उठाने पर जनप्रतिनिधियों के सुरक्षाकर्मी इस तरह मारपीट करेंगे, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है। यह सीधे तौर पर मानवाधिकारों का हनन है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषी गार्डों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।