
बिग ब्रेकिंग: राजधानी गैरसैंण की जमीने बिक रही धड़ाधड़।
गैरसैंण (चमोली): सरकार एक ओर ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण के आदर्श ग्राम सारकोट के विकास के लिए करोड़ों रुपये की योजनाओं पर काम कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ ग्रामीण अपनी पुश्तैनी जमीनें बेचने में ही भलाई समझ रहे हैं। इस संबंध में विधायक ने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। शनिवार को जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार सारकोट के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे, जबकि गैरसैंण नगर में लोग जमीनों की बिक्री को लेकर चिंतित थे।
हाल ही में, मई के दूसरे पखवाड़े में सारकोट के चार परिवारों ने लगभग 50 नाली भूमि बेची है। सूत्रों के अनुसार और भी जमीनें बेचे जाने की तैयारी है। इस मामले में राजस्व कर्मचारी सही जानकारी देने से कतरा रहे हैं। ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी ने कहा कि यह ग्रामीण क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी है। दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह
गैरसैंण का आदर्श गांव सारकोट।
धामी ने सारकोट को आदर्श ग्राम घोषित किया है, जहां विभिन्न विकास योजनाएं चल रही हैं। ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि योजनाएं भी लागू की गई हैं।
हालांकि, ग्रामीण अपनी जमीनें बेचने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान ने कहा कि यदि जमीनें बेची गई, तो योजनाएं बेकार हो जाएंगी। पूर्व प्रधान राजेन्द्र नेगी ने भूमाफिया के खिलाफ जांच की मांग की है।
कांग्रेस नेता मुकेश नेगी ने प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। विधायक अनिल नौटियाल ने भी ग्रामीणों को अपनी जमीनों का महत्व समझने की सलाह दी है। इस संबंध में राजस्व उपनिरीक्षक विनोद कुमार से भूमि बेची जाने वाली जानकारी मांगी गई तो बताया गया कि 15 नाली भूमि बेची गई है, जबकि हकीकत यह है कि 50 नाली भूमि का विक्रय बीते 15 दिनों में हो चुका है।